ऐसे कई ऑप्शन हैं, जिनसे आप अपने ही पैसों से और पैसा कमा सकते हैं.
कहते हैं पैसा पेड़ पर नहीं उगता. यह बात सच है लेकिन पैसा ही वह बीज है जिससे और पैसा बनाया जा सकता है. ऐसे कई ऑप्शन हैं, जिनसे आप अपने ही पैसों से और पैसा कमा सकते हैं. आइए बताते हैं ऐसे ही 5 ऑप्शन के बारे में—

सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम रखें बैलेंस

पैसे को सेविंग्स अकाउंट में पड़ा छोड़ देना अच्छा फंड जोड़ने की राह में सबसे बड़ी गलती है. सेविंग्स अकाउंट आपको केवल 3.5—4 फीसदी सालाना का इंट्रेस्ट देता है. इसलिए स्वीप इन या फ्लैक्सी अकाउंट फैसिलिटी का इस्तेमाल करें. इस फैसिलिटी के जरिए सेविंग्स अकाउंट में एक तय लिमिट से ज्यादा अमाउंट अपने आप FD में कन्वर्ट हो जाता है. यानी उस लिमिट तक सेविंग्स अकाउंट का ब्याज और उससे ज्यादा पर FD का ब्याज​ मिलता है.

एक्स्ट्रा रिटर्न के लिए लिक्विड फंड्स का करें इस्तेमाल

लिक्विड म्यूचुअल फंड स्कीम्स को 6-7 फीसदी रिटर्न देने के लिए जाना जाता है. इनकी इंस्टैंट विदड्रॉल फैसिलिटी और लॉक इन पीरियड न होने की खासियत के जरिए इन्वेस्टर्स के ​पास इनमें से कभी भी पैसा वापस निकाल लेने का विकल्प होता है.

​​FD भी आएगी काम

इमर्जेन्सी और अन्य जरूरतों के लिए फंड रखने के बाद बचे एक्स्ट्रा फंड को FD (Fixed Deposit) में लगाया जा सकता है.FD एफडी हमेशा से ही फ्यूचर सेविंग्स के लिए पॉपुलर विकल्प रही है. FD से भी अच्छा रिटर्न हासिल किया जा सकता है. FD उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद विकल्प है, जो बिल्कुल भी रिस्क नहीं लेना चाहते हैं.

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स

सरकार ने कई स्मॉल सेविंग्स स्कीम निकाली हुई हैं. इनमें पोस्ट ऑफिस की सभी सेविंग्स स्कीम जैसे सेविंग्स अकाउंट, 5 साल वाला रिकरिंग डिपॉजिट अकाउंट, टाइम डिपॉजिट स्कीम, मंथली इनकम स्कीम, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, NSC, किसान विकास पत्र और PPF शामिल हैं. PPF की सुविधा पोस्ट ऑफिस के अलावा सभी बैंकों में भी होती है. इनमें से हर स्कीम की इंट्रेस्ट रेट और मैच्योरिटी पीरियड अलग-अलग होते हैं. स्मॉल सेविंग्स स्कीम सेफ तो होती हैं लेकिन इनमें लॉक इन पीरियड होता है. हालांकि ये अच्छा रिटर्न देती हैं.

पीयर टू पीयर लेंडिंग

आरबीआई ने अब पीयर टू पीयर (P2P) लेंडिंग को रेगुलेट कर दिया है. इसके जरिए आप अपनी जान-पहचान के लोगों को पैसे उधार दे सकते हैं और उनसे मिल-जुलकर तय किया गया ब्याज ले सकते हैं. पीयर टू पीयर लेंडिंग से बैंक FD, लिक्विड फंड या अन्य किसी इंस्ट्रूमेंट से ज्यादा रिटर्न कमाया जा सकता है क्योंकि ब्याज दर बैंक आदि से ज्यादा होती है. इसकी वजह पैसे लेने वाले द्वारा पैसे न लौटाए जाने का रिस्क रहता है. यह एक हाई रिस्क हाई रिटर्न गेम है.

(लेखक अनिल रीगो राइट हॉरिजन्स के फाउंडर व सीईओ हैं.)

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